Monday, 17 November 2014

MEDIA HU MAI / JAIPRAKASH TRIPATHI


MEDIA HU MAI / JAIPRAKASH TRIPATHI



मीडिया हूं मैं / जयप्रकाश त्रिपाठी


तुक-बेतुक / जयप्रकाश त्रिपाठी


ईश्वर तुम नहीं हो / जयप्रकाश त्रिपाठी


झूठमूठ-सा

किसे लिखूं मैं; जो जीवन को टूट-टूटकर जिया हुआ है,
या कि उसको, जो जीवन को भांति-भांति से भोग रहा है !
किसे पढ़ूं मैं; खून-पसीने से तर जिसके शब्द-शब्द हैं
या कि उसको, जो जीवन के झूठ-मूठ से रचा हुआ है !!