शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Friday, 10 July 2015
कर्जखोर दिन
रोज सुबह से शाम तक देता रहा हिसाब
फिर भी बही खुली रही, खाता रहा खराब
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