शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Saturday, 20 February 2021

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 तेल देखिए, और तेल की धार देखिए...... हरदम प्राइस-वार देखिए, ओपेक की हुंकार देखिए, तरह-तरह की कार देखिए, अद्भुत नाटककार देखिए, दिल्ली की सरक...
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Friday, 10 August 2018

पत्रकारिता में सेटिंग-गेटिंग

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हरिवंश राज्यसभा के उपसभापति हो गए हैं। साथी-संघाती खूब तालियां बजा रहे हैं..भूरि-भूरि प्रशंसाएं। कभी बैंकिंग सेक्टर छोड़कर पत्रकारिता में...
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Wednesday, 8 August 2018

हिंदी साहित्य में वीरबालकवाद / मनोहर श्याम जोशी

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                      09 अगस्त जन्मदिन पर विशेष  वीरबालकवाद क्या होता है? यह प्रश्न आपके उर में विह्वलता भरने लगे उससे पहले यह समझ लें...
Friday, 2 March 2018

डोले बयरिया से अमवा की डरिया, चुनरिया पिउ की डगर बनि जाय..

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मेरा एक मित्र था दीवाना। ये उसका उपनाम था। घर का नाम और। सचमुच दीवानगी के लहजों में लिपटा उपनाम उसके हावभाव पर खूब फबता था। एक बड़े महाकवि ...
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Wednesday, 28 February 2018

मुंह पर पचारा पोते भांग में टुन्न सुदामा चाचा

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जब भी होली के दिन आते हैं, नानी की यादें आंखें नम कर देती हैं। नानी मां के कच्चे मकान के सामने जन-मानुस जैसे बूढ़े बरगद और नीम-जामुन के त...
Tuesday, 27 February 2018

जाने कहां खो गई प्रसाद जी की वह पांडुलिपि

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कभी-कभी कोई-कोई पश्चाताप जीवन भर पीछा करता रहता है। एक ऐसा ही वाकया मेरे भी अतीत का हिस्सा रहा है। दरअसल, एक मित्र 'पिंक' को सराह...
Sunday, 25 February 2018

चकई कs चकधुम, मकई कs लावा...

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जीवन में कभी कोई ऐसा भी वाकया गुजरता है, भुलाए न भूले। वह 1984 की एक शाम थी। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के सामने एक चाय की दुकान पर तनावग्रस्त बै...
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