शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Monday, 19 February 2018

'हल्दीघाटी' की रिकार्डिंग पर वाह-वाह

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वह सब बड़ा धुंधला-धुंधला सा रह गया है स्मृतियों में। ओझल होता हुआ। प्रसिद्ध कवि रामावतार त्यागी की एक पंक्ति अक्सर मन पर तैरने लगती है- ...
Thursday, 15 February 2018

चोंच जी ने कहा - सुधारूंगा या सिधारूंगा

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'सांड़', 'सूंढ़', 'चकाचक', 'झंड', 'भंड' जैसे नाना प्रकार के विकालांग नामों वाले आज तो तमाम कवि सु...

कवि-मित्र का पुत्र मोस्ट वांटेड !

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मेरे एक साहित्यिक मित्र थे। वीर रस की कविताएं लिखते थे। पेशे से टीचर थे। अभी हैं लेकिन अब न कवि हैं, न मित्र हैं, न टीचर हैं। जो हैं, सो ...
Sunday, 25 June 2017

नजीर अकबराबादी के शब्दों में ईद मुबारक

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नज़ीर अकबराबादी साहब उर्दू में नज़्म लिखने वाले पहले कवि माने जाते हैं। उन्होंने आम आदमी की शायरी की। आगरा की जमीं पर यूं तो मीर और गालिब क...
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Friday, 7 April 2017

कवि नचिकेता के साथ, हाथ में कविकुंभ

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डॉल्टनगंज (झारखंड) के कवयित्री सम्मेलन में कविकुंभ

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Friday, 24 March 2017

दुनिया को सबक दे गए मस्ताना भगत सिंह...

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शहीदेआजम भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के मूल्यों को स्वर देते डॉल्टनगंज (झारखंड) के शिवाजी मैदान में जागरूक नागरिकों, इप्टा, शहादत समारोह...
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