शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Saturday, 18 March 2017
जन्मभूमि में वापसी / एमी सेसार
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अर्ध रात्रि के अंतिम क्षणों में... मैंने कहा दूर हो जाओ, पुलिस की नाजायज संतान, दूर हो जाओ सूअरों मैं घृणा करता हूँ, दखल देनेवाली हुकू...
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Sunday, 12 March 2017
'कविकुंभ' के प्रकाशनोत्सव में जुटे साहित्य के महारथी
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******** दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मासिक 'कविकुंभ' के प्रकाशनोत्सव मंच पर साहित्य के महारथी माहेश्वर तिवारी, लीलाधर जग...
शब्दों के स्वाभिमान की मासिक पत्रिका कविकुंभ
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कविकुंभ शब्दों के स्वाभिमान की पत्रिका है, इससे साहित्य के गंगोजमन गहरे सरोकार हैं, इससे देशभर के कवि-शायर, कवयित्री, शायरा, लेखक, आलोचक, स...
रचनाएं सादर आमंत्रित
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सम्माननीय कवियों से 'कविकुंभ' में प्रकाशनार्थ उनकी सद्यः प्रकाशित पुस्तकों के कवर पेज एवं रचनाकार की फोटो सहित समीक्षा तथा युवा कवि...
Saturday, 11 March 2017
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Sunday, 8 January 2017
एक बुढ़िया का इच्छा-गीत / लीलाधर जगूड़ी
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जब मैं लगभग बच्ची थी हवा कितनी अच्छी थी घर से जब बाहर को आई लोहार ने मुझे दराँती दी उससे मैंने घास काटी गाय ने कहा दूध पी दूध से...
Wednesday, 28 December 2016
भारत के राष्ट्रपति के नाम 4400वां पत्र
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तेम्हुआ, 20-12-2016 सेवा में, आदरणीय महामहिम भारतीय राष्ट्रपति जी, चरणस्पर्श। हम सही नहीं हैं मगर आपकी सलामती की कामना करते हैं। हे रा...
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