शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Thursday, 22 September 2016

बंद करो तकरार/जयप्रकाश त्रिपाठी

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ठगा विश्व-बंधुत्व है, अदभुत युद्धम-युद्ध। बड़े-बड़ों में फिर कलह, बच्चा-बच्चा क्रुद्ध। किसके दिल में प्यार है, किसके दिल में खोट, सच स...
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एक अविस्मरणीय पश्चाताप

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कभी-कभी कोई-कोई पश्चाताप जीवन भर पीछा करता रहता है। एक ऐसा ही वाकया मेरे भी अतीत का हिस्सा रहा है। दरअसल, कल एक मित्र 'पिंक' को स...
Monday, 12 September 2016

14 सितंर हिंदी दिवस : भारतेंदु हरिश्चंद्र/प्रो.मैनेजर पांडेय

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हिन्दी नवजागरण से अभिप्राय सन् १८५७ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत के हिन्दी प्रदेशों में आये राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक जागरण ...

14 सितंबर हिंदी दिवस : नामवर सिंह

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भारतेंदु हरिश्‍चंद्र के उदय के साथ हिंदी में एक नए युग का आरंभ हुआ, यह मान्‍यता तो बहुत पहले से प्रचलित रही है; किंतु इस नए युग को 'नवज...

14 सितंबर हिंदी दिवस : महात्मा गांधी

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महात्मा गांधी के सपनों के भारत में एक सपना राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को प्रतिष्ठित करने का भी था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना...

4 सितंबर हिंदी दिवस : भाषाविद अरविंद कुमार

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हिंदी के क्षेत्रीय और भौगोलिक लक्ष्मण रेखाओं का अतिक्रमण करके सार्वदेशिक अखिल भारतीय भाषा बनने का एक सुखद परिणाम यह सामने आया है कि हिंदीतर...

14 सितंबर हिंदी दिवस : हिंदी-चिंतक रामविलास शर्मा

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शीर्ष आलोचक रामविलास शर्मा ने भारतीय संस्कृति, भारत में अँग्रेजी, हिन्दी नवजागरण, हिन्दी जाति, भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिन्दी जैसी क...
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