शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Friday, 25 September 2015
मध्य प्रदेश के बाबा कालू दास का दर्द
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........ सीधी, शहडोल, सागर, विदिशा, उमरिया आदि ऐसे जिले, जहां के लाखों बाशिंदों का दर्द पन्नों पर दर्ज नहीं। इतनी कड़वी सच्चाइयां कि जो जान...
Thursday, 24 September 2015
रंजीता के शब्द
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Tum kavi udas na hona Tum kavi nirash na hona, Tab vi nahi jab jeewan ke gahantam andhero me Tumhe kuch na sujhta ho, Ya tab jab tanhai...
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Tuesday, 22 September 2015
जयप्रकाश त्रिपाठी
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जो है, क्या-क्या है, जो नहीं है, क्या नहीं है, मेरे पास, उनके पास...। सब चेहरे, सब खुशियां, सब सुबहें उनके वश में, उजियारे, रंग सारे, उनक...
Sunday, 20 September 2015
सिर्फ आकाश ही क्यों, उसका एक नीड़ हो / रंजिता सिंह
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Nanhi chiria ka aakash kitna hai Uska parisiman kaun tai karega Tum ya mai ya hamdono Sirf aakash hi kyo Uska ek neer vi to banana hoga...
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Saturday, 19 September 2015
मेरी पुस्तक 'मीडिया हूं मैं' उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से पुरस्कृत
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वर्ष 2014 में प्रकाशित मेरी पुस्तक 'मीडिया हूं मैं' को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने पुरस्कृत किया है। हिंदी दिवस के मौके पर 14 स...
Sunday, 16 August 2015
जयप्रकाश त्रिपाठी
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इस क्रूर-अबूझ कोलाहल में मन कैसे-कैसे रंग ओढ़ने लगता है..... ऊंची-ऊंची लहरों से ढंके गहरे-गहरे समुद्र, ऊपर-और-ऊर बिछा-बिछा सा अंतहीन आक...
Monday, 3 August 2015
मेरी पुस्तक 'मीडिया हूं मैं' को उ.प्र.हिंदी संस्थान का 'बाबूराव विष्णु पराड़कर पुरस्कार'
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उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से आज वर्ष 2014 में प्रकाशित पुस्तकों पर सम्मान एवं पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई। इसके अंतर्गत संस्थान न...
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