शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Sunday, 17 May 2015

सोशल साइटों पर यौन उत्पीड़न

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फेसबुक और ट्विटर मित्रों के लिए ये बड़े काम की जानकारी हो सकती है। जरा संभल संभल कर चलने की जरूरत है। सोशल साइट्स ट्विटर और फेसबुक निजी जीव...
Sunday, 3 May 2015

मई में मौसम ही नहीं, मीडिया भी तपता है : जयप्रकाश त्रिपाठी

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मई का मौसम ही नहीं, इतिहास भी तपता रहा है। मानो ये जमाने से सुलगता आ रहा है। इसके चार अध्याय-विशेष, जिनमें दो पत्रकारिता के। एक है आज तीन...

प्रेस फ्रीडम डे पर इन दो पत्रकारों की चीख क्या सुनी आप ने !

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छह सौ दिन से जेल में कैद शौकन ने चिट्ठी में लिखा - मैं एक पत्रकार हूं, अपराधी नहीं. महमूद अबु जैद "शौकन" टाइम पत्रिका, डी त्साइ...
Friday, 1 May 2015

डराओ मत, उसे गुस्सा आ रहा है/जयप्रकाश त्रिपाठी

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मजीठिया वेतनमान लागू करने के मसले पर कारपोरेट मीडिया ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक की अवमानना करते हुए जिस तरह पत्रकारों के पेट पर लात मारा ह...
Saturday, 25 April 2015

जीवन की गति जाने कौन...राहे सीधी सीधी और टेढ़ी-मेढ़ी चाल

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चलना ही जिंदगी है, चलता ही जा रहा हूं.....................
Wednesday, 22 April 2015

राजधानी में एक किसान की मौत पर कई बड़े सवाल / जयप्रकाश त्रिपाठी

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आज दिल्ली में जंतर मंतर पर केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान दौसा (राजस्थान) का किसान गजेंद्...
Saturday, 18 April 2015

आर्थिक आत्‍मनिर्भरता के लिए दिल्‍ली में जुटे पत्रकार और कंटेंट जनरेटर

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अंग्रेजी के सेंटीमेंटल कवि लार्ड टेनिसन की एक कविता है- Wherefore bees of Ingland forge. Many a weepans chain and scorge.----- यह कवि...
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