शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Thursday, 9 April 2015
घुमक्कड़ केदारनाथ पांडेय से राहुल सांकृत्यायन तक / जयप्रकाश त्रिपाठी
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आज दिन राहुल सांकृत्यायन को याद करने का रहा। सुबह से अब फुर्सत। तो सोचा अपने ही जिला आजमगढ़ के, और अपने ही बगल के गांव के कनैला के थे बहु...
Wednesday, 8 April 2015
काम के घंटे हो अब चार, न्यूनतम मजदूरी हो अब चालीस हजार / अखिलेश चंद्र प्रभाकर
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400 वर्षों के पूंजीवादी अनुभव बताते हैं कि उन्नत किस्म के तकनीकी और आधुनिक औद्योगिक विकास के बाबजूद; पूंजीवादी विश्व में तकरीबन रोजाना 8...
मॉल और शोरूम के जरिये महिलाओं की अस्मिता का कारोबार / डॉ. अनिल पुष्कर
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इस समय मेट्रोपोलिटन से लेकर महानगर तक और राज्यों के बड़े शहरों तक मॉल और बड़ी ब्रांड्स के शोरूम देशभर में खुले हैं। इनमें ऐसा क्या ख़ास है? ज...
मीडिया गाइड लाइन : लैंगिक अल्पसंख्यकों पर 'छिछोरे समाचार' लिखने की मनाही
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हमसफर ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक राव कवि के मुताबिक प्रसार माध्यमों में, जो लैंगिक अल्पसंख्यकों का सनसनीखेज, अवैज्ञानिक एवं एकतरफा चित्र प्रस...
'फ्लफी' की मौत पर फूट फूट कर रोए, विधि-विधान से तेरहवीं
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कानपुर में एक परिवार ऐसा भी है जिसने अपने पालतू कुत्ते की मौत पर तेरहवीं बकायदा विधि-विधान से कराया. कानपुर के हरजेन्दर नगर इलाके के काल...
रेलवे ने खोली भ्रष्टाचार की नई खिड़की / संजीव सिंह ठाकुर
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भारत सरकार और भारतीय रेलवे की ओर से नई तकनीक के साथ भ्रष्टाचार रोकने व यात्रियों को सुविधाएं देने का समय समय पर दावा किया जाता है। इसी कड...
पहले मीडिया मिशन था, अब धंधा / रामानंद सिंह रोशन
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बिहार के ईमानदार और जुझारू वरिष्ठ पत्रकार रामानंद सिंह रोशन कारपोरेट मीडिया के राज में ग्रामीण पत्रकारों की गुलाम-दशा देखकर हैरत में हैं। म...
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