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शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Tuesday, 31 March 2015

'मजीठिया समय' में कहां दुबके हैं जमा-जुबानी गरिष्ठ-वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार / जयप्रकाश त्रिपाठी

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क्षमा करें कि एक चलताऊ मुहावरे के बहाने इतनी गंभीर बात कहनी पड़ रही है, लेकिन जनभाषा में सधती इसी तरह से लगी ये बात - जो डर गया, सो मर गय...

भारत रत्न रजत शर्मा यानी किस पर शर्म करें / कौस्तुभ उपाध्याय

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पद्म और भारत रत्न पुरस्कार प्रदान किए जाने के लिए राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आयोजित पारंपरिक समारोह में कल टीवी एंकर और पत्रकार रजत श...
2 comments:
Sunday, 29 March 2015

मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-4

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ऐसे में 'मीडिया हूं मैं' के अंतिम पृष्ठ की ये टिप्पणी भी एक जरूरी आग्रह के प्रति हमे आगाह करती है कि '' मैं सिर्फ पढ़ने क...

मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-3

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ऐसे में मीडिया का ये शोषित वर्ग श्रमकानूनों को रौंदकर मालदार होते जा रहे मालिकों और उनकी दलाल मंडलियों से मामूली सांस्थानिक बातों पर भी ख...

मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-2

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यहां हम यदि सिर्फ तीन मीडिया मनीषियों माखनलाल चतुर्वेदी, गणेशशंकर विद्यार्थी और बाबूराव विष्णु पराड़कर की टिप्पणियों पर ध्यान दें तो आधुन...

मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-1

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ऐसे में एक सवाल पीछा करता है कि क्या मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करने की लड़ाई वर्ग संर्घष की लड़ाई नहीं हैं? फिर लगता है कि शोषण...

मीडिया में खबरों के पीछे की खबरें दहला रही हैं

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इन दिनों में पत्रकारों के मुश्किल हालात की कुछ ऐसी सूचनाएं पढ़ने को मिल रही हैं.......  - अपने मीडिया संस्थान से लगातार कई-कई महीने वेतन न...
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