शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Sunday, 29 March 2015
मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-4
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ऐसे में 'मीडिया हूं मैं' के अंतिम पृष्ठ की ये टिप्पणी भी एक जरूरी आग्रह के प्रति हमे आगाह करती है कि '' मैं सिर्फ पढ़ने क...
मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-3
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ऐसे में मीडिया का ये शोषित वर्ग श्रमकानूनों को रौंदकर मालदार होते जा रहे मालिकों और उनकी दलाल मंडलियों से मामूली सांस्थानिक बातों पर भी ख...
मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-2
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यहां हम यदि सिर्फ तीन मीडिया मनीषियों माखनलाल चतुर्वेदी, गणेशशंकर विद्यार्थी और बाबूराव विष्णु पराड़कर की टिप्पणियों पर ध्यान दें तो आधुन...
मजीठिया की सिफारिशें और मीडिया मालिकों के घृणा का पाठ-1
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ऐसे में एक सवाल पीछा करता है कि क्या मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करने की लड़ाई वर्ग संर्घष की लड़ाई नहीं हैं? फिर लगता है कि शोषण...
मीडिया में खबरों के पीछे की खबरें दहला रही हैं
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इन दिनों में पत्रकारों के मुश्किल हालात की कुछ ऐसी सूचनाएं पढ़ने को मिल रही हैं....... - अपने मीडिया संस्थान से लगातार कई-कई महीने वेतन न...
Saturday, 28 March 2015
ड्रोन विमानों की मदद से दूर-दराज के इलाकों में भी इंटरनेट उपलब्ध कराया जा सकेगा
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फेसबुक का हालिया परीक्षण यदि सफल रहा तो जल्द ही सौर ऊर्जा से चलने वाले ड्रोन विमानों की मदद से दूर-दराज के इलाकों में भी इंटरनेट उपलब्ध करा...
क्या मैं उपन्यास इसलिए लिखता हूं कि मुझे साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिले?
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आज 'गालियों' की बात पर याद आती है राही मासूम रजा की ये दोटूक टिप्पणी, चाहे भले उन्होंने अपने उपन्यास 'आधा गांव' के बहाने ...
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