शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Monday, 23 March 2015

शहीद दिवस के बहाने ‘भगत, गांधी, अंबेडकर और जिन्ना’ पर सुमंत भट्टाचार्य ने छेड़ी गंभीर बहस

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'एक भी दलित चिंतक ने भगत की शहादत को याद नहीं किया', अपने इन शब्दों के साथ शहीद दिवस के बहाने संक्षिप्ततः अपनी बात रखकर वरिष्ठ पत...

10वें गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल का समापन

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मीडिया कॉरपोरेट के कब्जे में, अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरे गोरखपुर : 10वें गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में प्रसिद्ध लेखिया अरुंधति राय ने देश...

शहीद पत्रकार भगत सिंह

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शहीद भगतसिंह अमर क्रांतिकारी ही नहीं, पत्रकार भी थे। आजादी के आंदोलन के दौरान वह सांप्रदायिक तत्वों की ओर इशारा करते हुए लिखते हैं - ‘दू...
Sunday, 22 March 2015

अब ब्राह्मणों-बनियों के मीडिया की भूमिका तय होनी चाहिए

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गोरखपुर : फिल्म फेस्टिवल में भारतीय मीडिया पर उठे सवालों ने पहली बार इतनी गंभीरता से लोगों का ध्यान आकृष्ट किया है। पहले दिन अरुंधति रॉय...
1 comment:

23 मार्च 2015

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23 साल की उम्र में ही भगत सिंह इतना कुछ लिख-पढ़ गए, जिससे हमेशा युवा पीढ़ी प्रेरणा लेती रहेगी। भगत सिंह जानबूझकर अपने विचार लिखकर गए ताकि...

23 मार्च, शहीद दिवस

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'क्रांति की भावना से मनुष्य जाति की आत्मा स्थाई तौर पर ओतप्रोत रहनी चाहिए, जिससे की रुढ़िवादी शक्तियां मानव समाज की प्रगति की दौड़ मे...

धूमिल

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जनता क्या है? एक शब्द…सिर्फ एक शब्द है: कुहरा,कीचड़ और कांच से बना हुआ… एक भेड़ है, जो दूसरों की ठण्ड के लिये अपनी पीठ पर ऊन की फसल ढो...
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