शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Sunday, 22 March 2015

अब ब्राह्मणों-बनियों के मीडिया की भूमिका तय होनी चाहिए

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गोरखपुर : फिल्म फेस्टिवल में भारतीय मीडिया पर उठे सवालों ने पहली बार इतनी गंभीरता से लोगों का ध्यान आकृष्ट किया है। पहले दिन अरुंधति रॉय...
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23 मार्च 2015

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23 साल की उम्र में ही भगत सिंह इतना कुछ लिख-पढ़ गए, जिससे हमेशा युवा पीढ़ी प्रेरणा लेती रहेगी। भगत सिंह जानबूझकर अपने विचार लिखकर गए ताकि...

23 मार्च, शहीद दिवस

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'क्रांति की भावना से मनुष्य जाति की आत्मा स्थाई तौर पर ओतप्रोत रहनी चाहिए, जिससे की रुढ़िवादी शक्तियां मानव समाज की प्रगति की दौड़ मे...

धूमिल

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जनता क्या है? एक शब्द…सिर्फ एक शब्द है: कुहरा,कीचड़ और कांच से बना हुआ… एक भेड़ है, जो दूसरों की ठण्ड के लिये अपनी पीठ पर ऊन की फसल ढो...
Sunday, 15 March 2015

'हिंदुस्तान' 15 मार्च 2015

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The Illiterate Democratic Women of Rajasthan

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When the literacy drive was in full force, I happened to visit a village in Ajmer district with a friend who was a civil servant. There was...

पाश्‍चात्‍य सार्वभौमिकता को भारतीय चुनौती

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लेखक-राजीव मल्‍होत्रा,  अनुवादक- देवेन्‍द्र सिंह, हिन्‍दी यूएसए, सुरेश चपिलूनकर.  हार्परकॉलिंस पब्‍लिशर्स इंडिया से प्रकाशित.  पश्‍चिमी ...
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