शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Tuesday, 3 March 2015

रवीश कुमार पर क्या ये दोनो जानकारियां सही हैं?

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जानकारी-1 दीपू नसीर ने लिखा है - 'रवीश से बात करते - करते योगेन्द्र यादव की आंखे गीली हुई..' जानकारी-2 मीडिया मंच पर खबर है - ...
Monday, 2 March 2015

साहित्यिक इतिहास के दो 'नामवर' अध्याय

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अध्याय-1  प्रसंग-अप्रसंग : नामवर सिंह के जीवन के कुछ अनुद्धाटित तथ्य       समय समय पर हिन्दी जगत ने नामवर सिंह की साहित्यक और जीवन यात...
Sunday, 1 March 2015

'नाक' ऊंची नहीं रखने का...

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मैंने आज पंजाब के होशियारपुर ज़िले के जसबीर सिंह के बारे में एक रिपोर्ट पढ़ी। वह चौदह वर्षों तक होशियारपुर के गवर्नमेंट कॉलेज में विज्ञान...

गरीबों की होली/जयप्रकाश त्रिपाठी

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बिना जंग के जैसे सीने में गोली, गरीबों की होली, गरीबों की होली। इधर से सलाखें, उधर से सलाखें, सुबकते सुबकते हुईं लाल आंखें, सिलेंडर मिल...
Saturday, 28 February 2015

बाबा नागार्जुन मुझ पर बम की तरह फट पड़े/जयप्रकाश त्रिपाठी

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मुझे नहीं मालूम था कि उस दिन बाबा नागार्जुन लूजमोशन से लस्त-पस्त से हो रहे थे। अस्सी के दशक में जयपुर (राजस्थान) में प्रगतिशील लेखक सम्मे...
Friday, 27 February 2015

अगला पड़ाव इलाहाबाद : 10 मई 2015

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Thursday, 26 February 2015

The unmistakable swine flu medicine of AYURVED

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