शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Monday, 12 January 2015
थोथे मुद्दे छोड़े समाज/प्रीतीश नंदी
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आप ऐसे कितने हिंदुओं से रोज मिलते हैं, जो बाहर जाकर मुस्लिमों और ईसाइयों का धर्मांतरण करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ये लोग भारत...
Sunday, 11 January 2015
एक दिन अपनी डायरी में अन्ना कामीएन्सका ने लिखा
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वह पूरी सम्पूर्णता में ग़रीब थी. वह फ़क़त अपनी तस्बीह के साथ गयी. वह अपने पीछे काली लाख और जर्जर मिसल वाले बेंत के छप्पर की एक जायदाद छोड़ गय...
महिला का अपने शरीर पर कितना अधिकार/उमा चक्रवर्ती
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इस साल की शुरुआत में कुछ लोगों ने एक महिला के उस अधिकार पर कुछ देर के लिए सोचा जो विरोध जताने के लिए खाना नहीं खा रही हैं. जीवन के हक़ क...
Thursday, 8 January 2015
नई सरकार, अच्छे दिन और मुगालते / कुलदीप कुमार
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जिन लोगों को यह मुगालता था कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े अनेक संगठन हाशिये पर चले जाएं...
Sunday, 28 December 2014
युद्ध और प्रेम की कविताई
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तुम्हारी हँसी मुझे आज़ाद करती है, मुझे पंख देती है, मुझसे मेरा अकेलापन छीन लेती है, नोच देती है मेरी सलाखों को...... (युद्ध और प्रेम की कव...
3 comments:
भारत में एण्टीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल में 62 प्रतिशत बढ़ोतरी
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एक ताज़ा अध्ययन के मुताबिक़ भारत दुनिया में रोगाणु-रोधी (एण्टीबायोटिक) दवाओं का सबसे अधिक इस्तेमाल करने वाले देशों में से एक के रूप में उभ...
Saturday, 27 December 2014
बिल ब्राइसन का एक इंटरव्यू / डगलस शुल्ज़
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(कबाड़खाना से साभार अशोक पांडेय की प्रस्तुति) बिल ब्राइसन का मैं फैन हूँ. आज से दो साल पहले उनका एक इंटरव्यू मैंने इस ब्लॉग पर पोस्ट क...
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