शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Saturday, 27 December 2014

बिल ब्राइसन का एक इंटरव्यू / डगलस शुल्ज़

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(कबाड़खाना से साभार अशोक पांडेय की प्रस्तुति) बिल ब्राइसन का मैं फैन हूँ. आज से दो साल पहले उनका एक इंटरव्यू मैंने इस ब्लॉग पर पोस्ट क...

एक स्त्री और एक पुरुष / अदूनिस

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“कौन हो तुम?” “निर्वासित कर दिया गया मसखरा समझ लो, समय और शैतान के कबीले का एक बेटा.” “क्या तुम थे जिसने सुलझाया था मेरी देह को?” “बस...
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वरिष्ठ/अजंता देव

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वे वरिष्ठ हैं, जैसे मुर्गी अंडे से पानी मछली से और बन्दर मनुष्य से, उनके हाथों में है वरिष्ठता सूची, जिसमें दर्ज हैं तारीख़ें और कुछ ब्यौर...
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Thursday, 25 December 2014

विश्व पुस्तक मेले की पदचाप और वर्ष 2013-14 की कुछ किताबें

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विश्व पुस्तक मेले की पदचाप अभी से सुनायी देने लगी है। इस बार मेला 14 फरवरी 2015 से शुरू होने वाला है। तय है, ऐसे में रचनाकारों और सुधी पा...

नाजिम हिकमत की अन्तिम कविता

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(चित्र : अपनी पत्नी पिराये के साथ एक भावपूर्ण मुद्रा में नाज़िम हिकमत ) क्या मेरे शव को ले जाया जायेगा नीचे अपने आँगन से ? तुम कैसे उतार...
Tuesday, 23 December 2014

एक खाली कोख / एलिसन सोलोमन

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मैंने नहीं देखी कोई कविता मासिकधर्म की बदसूरती के बारे में वैसे ऋतुचक्र चमत्‍कारिक होते हैं चंद्रमा की चाल नियंत्रित रखती हैं हमारी जि...
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Monday, 22 December 2014

मैंने मलाला को उड़ने दिया, पर नहीं काटे / जियाउद्दीन युसुफजई

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पितृसत्तात्मक समाजों और आदिवासी समाजों में आमतौर पर पिता को बेटों से जाना जाता है। लेकिन मैं उन कुछ पिताओं में से हूं, जो अपनी बेटी से जा...
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