शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Tuesday, 25 November 2014

आज याद आया 1980 में लिखा अपना एक नवगीत / जयप्रकाश त्रिपाठी

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है मुझे मालूम, आंखें फेर लेंगे फूल; तब - तुम लौट आना, मैं तुम्हे मधुमास दूंगा। सूख जायें आंख के आंसू, समय मन तोड़ दे जब, मांग में सि...

क्यों और किसके लिए है मीडिया / डा. संध्या गर्ग

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कुछ समय पहले आई एक फिल्म में ‘नासा’ का एक इंजीनियर अपने गांव लौटता है। वह गांव की स्थितियों से रूबरू होता है। वह अपने ज्ञान को गांव की प्रग...

मीडिया और देहात / मनोज कुमार

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महात्मा की पत्रकारिता और वर्तमान समय को लेकर विमर्श हो रहा है और यह कहा जा रहा है कि महात्मा की पत्रकारिता का लोप हो चुका है। बात शायद ग़लत...

अरुण कमल

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कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं सुबह सुबह, बच्चे काम पर जा रहे हैं, हमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति है यह, भयानक है इसे व...

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपने एक साहित्यिक समारोह ‘लिटरेचर फेस्ट’ का निमंत्रण महिला सहकर्मी से यौन उत्पीड़न के आरोपी तहलका मैगजीन के पूर्व सं...

एक सवाल पीएम से

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सितम्बर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों और छात्रों के माता पिता को अपने बच्चों का चरित्र बेहतर बनाने की सलाह...
Monday, 24 November 2014

प्रधानमंत्री की पत्नी परेशान

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सरकारी सुरक्षा से परेशान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन का कहना है कि यदि मुझे सिक्योरिटी दी गई है तो अन्य अधिकार भी मुझे मि...
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