शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Friday, 21 November 2014

लिख और दिख

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'कलम अपनी साध, मन की बात बिल्कुल ठीक कह एकाध, जिस तरह हम बोलते हैं, उस तरह तू लिख, और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख....चीज़ ऐसी दे कि...

गुल्लक / पवन करण

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बिटिया बड़े जतन से सिक्के जोड़ती कान से सटाकर देखती बजाकर गुल्लक में सिक्के खन-खन करते पिता के सामने गुल्लक रखती उसकी हथेली पर गुल्लक...

गरीब वेश्या की मौत / लीलाधर जगूड़ी

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कल-पुर्जों की तरह थकी टांगें, थके हाथ उसके साथ जब जीवित थी लग्गियों की तरह लंबी टांगें जूतों की तरह घिसे पैर लटके होठों के आस-पास टट्टु...

रसोईघर की दीवार से फ़ेसबुक की दीवार तक / संजीव चंदन

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लिखने की छटपटाहट ने आज से 150 साल पहले रसोई घर की दीवारों पर अपना स्पेस बनाया. बांग्ला की पहली आत्मकथा (अमार जीबॉन -1876) की लेखिका राससु...

पत्रकार.... हत्या, सीबीआई छापा, जुर्माना

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पत्रकार पर जुर्माना : न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट और न्यायमूर्ति विपिन सांघी की खंडपीठ ने वरिष्ठ पत्रकार एसपीके गुप्ता पर एक लाख रुपए जुर्मान...

हैफ़ा वेहबे के उत्तेजक लिबास पर घमासान

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लेबनान की एक पॉप स्टार की पोशाक ने अरब देशों के सोशल मीडिया में बहस छेड़ दी है. मिस्र, जॉर्डन और सऊदी अरब की कई महिलाओं ने हैफ़ा की पोशाक...
Thursday, 20 November 2014

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देवता, देवता, देवता....तुम लिखो आदमी, आदमी, आदमी...मैं लिखूं। अर्थ संचित करो, अर्थ जानो तुम और शब्द मैं लिखूं, मैं लिखूं, मैं लिखू...
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