शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Friday, 7 November 2014
भिखारी/तुर्गनेव
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मैं एक सड़क के किनारे जा रहा था। एक बूढ़े जर्जर भिखारी ने मुझे रोका। लाल सुर्ख और आँसुओं में तैरती–सी आँखें, नीले होंठ,गंदे और गले हुए च...
फिल्ममेकर को जिंदा निगलेगा एनाकॉन्डा
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अमेरिका के न्यूजर्सी शहर के रहने वाले 26 वर्षीय फिल्ममेकर पॉल रासोलियो टीवी पर एक ऐसा हैरतअंगेज कारनामा करने वाले हैं जिसे देखकर आपकी रूह...
राम की एक बहन थी शान्ता / बोधिसत्व
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दशरथ की एक बेटी थी शान्ता लोग बताते हैं, जब वह पैदा हुई अयोध्या में अकाल पड़ा बारह वर्षों तक... धरती धूल हो गयी...! चिन्तित राजा को सल...
हिंदी पत्रकारिता अपनी जिम्मेदारी समझे / संतोष भारतीय
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पत्रकारिता के एक विद्यार्थी ने मुझसे पूछा कि क्या अंग्रेजी और हिंदी पत्रकारिता अलग-अलग हैं. मैंने पहले उससे प्रश्न किया कि आप यह सवाल क्य...
Thursday, 6 November 2014
शिकार को निकला शेर / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
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एक शेर एक रोज जंगल में शिकार के लिए निकला। उसके साथ एक गधा और कुछ दूसरे जानवर थे। सब-के-सब यह मत ठहरा कि शिकार का बराबर हिस्सा लिया जाएग...
एक चोर की कहानी / श्रीलाल शुक्ल
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माघ की रात। तालाब का किनारा। सूखता हुआ पानी। सड़ती हुई काई। कोहरे में सब कुछ ढँका हुआ। तालाब के किनारे बबूल, नीम, आम और जामुन के कई छोटे-...
मीडिया की साख से मत खेलिए / संतोष भारतीय
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अब सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का कोई मतलब ही नहीं रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार अभियान ...
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