शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Wednesday, 5 November 2014
हे ठाकुर नामवर सिंहों-प्रगतिशीलों-सेकुलरों / दिलीप मंडल
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हे ठाकुर नामवर सिंहों-प्रगतिशीलों-सेकुलरों, आपने कांग्रेस के SECULAR शासन में उंचे पदों पर रहते हुए बच्चों के पढ़ने का यही बंदोबस्त किय...
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मैक्सिको के बहुत ही पुराने शहर टियोटिवाकान में पुरातात्विक महत्व की तकरीबन 50 हज़ार चीजें मिली हैं. यहां जो चीजें बरामद की गई हैं, उनमें...
जो धर्मों के अखाड़े हैं, उन्हे लड़वा दिया जाए / शमशेर बहादुर सिंह
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जो धर्मों के अखाड़े हैं, उन्हे लड़वा दिया जाए ! ज़रूरत क्या कि हिन्दुस्तान पर हमला किया जाए ! मुझे मालूम था पहले ही ये दिन गुल खिलाएँग...
Tuesday, 4 November 2014
पत्रकारिता में जूते चाटने की नौबत / रवीश कुमार
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फिल्म पत्रकारिता तो अब जूते चाटने की नौबत तक पहुंच गई है। टीवी में फिल्म पत्रकारिता अब प्रमोशन है। इंटरव्यू से पहले तय होता है सवाल कैसे ...
अपराध और अपराधी / फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की
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'पूरी तरह यही मेरे कहने का मतलब नहीं था,' रस्कोलनिकोव ने सीधे ढंग से और विनम्रता के साथ कहना शुरू किया। 'मैं फिर भी मानता हू...
साहित्य और पत्रकारिता / गोविंद सिंह
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साहित्य और पत्रकारिता के बीच एक अटूट रिश्ता रहा है। एक ज़माना वह था जब इन दोनों को एक-दूसरे का पर्याय समझा जाता था। ज्यादातर पत्रकार साहित्य...
हिंदी पत्रकारिता के सामने चुनौतियों का पहाड़ / जितेन्द्र बच्चन
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हिंदी पत्रकारिता के 187 साल पूरे होने के बाद भी उसके सामने चुनौतियों का जो पहाड़ पहले खड़ा था, वह आज भी जस का तस है। भारत में आधुनिक ढंग की प...
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