शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Friday, 31 October 2014

अमानवीयता की सेवा में जुटे हुए हैं तमाम समाचार चैनल/जगदीश्वर चतुर्वेदी

›
समाचार चैनलों में इन दिनों अपराध की खबरों के नाम पर अपराधियों का महिमा-मंडन चल रहा है और निरपराध लोगों पर चैनल अपनी तरफ से खबरों के जरिए ...

TV समाचारः मीडिया रिपोर्टिंग बनाम मीडिया ट्रायल/कुमार कौस्तुभ

›
टेलीविजन पर समाचारों के प्रसारण के सिलसिले में निष्पक्षता से जुड़े कई सवाल उठते रहे हैं। सुलझी हुई रिपोर्टिंग बनाम मीडिया ट्रायल से जुड़ी...

संतोष भारतीय का दो टूक

›
इंडिया न्यूज के क्षेत्रीय चैनलों(यूपी, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश ) पर हर शनिवार को एक शो प्रसारित होता है जिसका नाम है 'दो टूक...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और आतंकवाद / राम पुनियानी

›
आतंकवाद को एक भयावह घटना के साक्ष्य के रूप में देखा गया है। और खासकर आज के मौजूदा समय में। आतंकवाद क्या है, यह अपने आप में ही एक स्तर पर वि...

रामकुमार कृषक

›
कपड़ा-लत्ता जूता-शूता जी-भर पास नहीं भीतर आम नहीं हो पाता, बाहर ख़ास नहीं जिए ज़माने भर की ख़ातिर, घर को भूल गए उर-पुर की सीता पर रीझे, ख...

चूहा और मैं / हरिशंकर परसाई

›
चाहता तो लेख का शीर्षक ''मैं और चूहा'' रख सकता था। पर मेरा अहंकार इस चूहे ने नीचे कर दिया। जो मैं नहीं कर सकता, वह मेरे ...

सफेद गुड़ / सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

›
दुकान पर सफेद गुड़ रखा था। दुर्लभ था। उसे देखकर बार-बार उसके मुँह से पानी आ जाता था। आते-जाते वह ललचाई नजरों से गुड़ की ओर देखता, फिर मन ...
‹
›
Home
View web version
Powered by Blogger.