शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Thursday, 30 October 2014
हम औरतें / वीरेन डंगवाल
›
रक्त से भरा तसला है, रिसता हुआ घर के कोने-अंतरों में हम हैं सूजे हुए पपोटे प्यार किए जाने की अभिलाषा सब्जी काटते हुए भी पार्क में अपन...
एक पूर्णकालिक लेखक का अवसान
›
वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार रॉबिन शॉ पुष्प नहीं रहे। आजीवन स्वतंत्र लेखक रहे रॉबिन शॉ पुष्प की पचास से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। इनमें उपन्...
Wednesday, 29 October 2014
भूख / जावेद अख़्तर
›
आँख खुल मेरी गई हो गया मैं फिर ज़िन्दा पेट के अन्धेरो से ज़हन के धुन्धलको तक एक साँप के जैसा रेंगता खयाल आया आज तीसरा दिन है आज तीसरा...
अए शैख़-ओ-ब्रह्मन सुनते हो क्या अह्ल-ए-बसीरत कहते हैं गर्दों ने कितनी बुलंदी से उन क़ौमों को दे पटका है
›
सूची में राजनेताओं और बड़े उद्योगपतियों के नाम नहीं
›
सूत्रों के मुताबिक कालाधन संबंधी सौंपी गई 627 विदेशी खाताधारकों की सूची में राजनेताओं और बड़े उद्योगपतियों के नाम नहीं है। इन 627 में से पच...
मोदी पुराणों की धूम / अरविंद मोहन
›
अब यह समझना कुछ मुश्किल है कि नरेन्द्र मोदी व्यक्ति भर हैं या कोई परिघटना हैं. उनकी राजनीति, उनकी कार्यशैली, उनकी सोच और इन सबके बीच उनकी स...
चोर चोर चोर चोर ...महाचोर
›
देश के भीतर और बाहर कालाधन छिपाने वाले महाचोर भारत में गरीबी-कुपोषण और बीमारियों के शिकार लाखों बच्चों और स्त्रियों, आत्महत्या के लिए मजबूर...
‹
›
Home
View web version