शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Thursday, 16 October 2014
'यो पिकासो'
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तस्वीर में बाईं तरफ पाब्लो पिकासो का सेल्फ़ पोट्रेट है तो दाईं तरफ़ फ्रांसिस बैकन ने ख़ुद को कैनवास पर उतारा हुआ है। इस हफ़्ते लंदन में पिक...
भूख ने फिर तड़प के एक नथ उतारी है...
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जो भी है, बहुत आसान नहीं है, जीवन में, जगत में, झूठ के दुलराये हुए, भ्रम से बौराये हुए, सिर के फिरे, पत्तलों के जूठन से पंचतारा पनालों ...
Wednesday, 15 October 2014
खुदकुशी
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खादी चेहरे, खाकी चेहरे, इस चेहरे में कैसा चेहरा, सूती चेहरे, ऊनी चेहरे, उस चेहरे में कैसा चेहरा, खुद को बुनने की, चुनने, झुठलाने की कोशिश, ...
वर्षों बाद मैं घर लौटा हूं, देख रहा हूं, ये आंगन कितना छोटा है - जावेद अख्तर के तरकस के तीर
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https://www.youtube.com/watch?v=ikd51BsQKeI&list=PLBD412B9E164AD76E&index=6
Monday, 13 October 2014
रंग / जयप्रकाश त्रिपाठी
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शब्द का रंग एक / खून का रंग एक पानी का रंग एक / रोटी का रंग एक.... सुबह का रंग एक / शाम का रंग एक दिन का रंग एक / रोटी का रंग एक.... ह...
भूख और बन्दूक / ओत्तो रेनी कास्तिलो
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तुम्हारे पास बन्दूक है और मैं भूखा हूँ, तुम्हारे पास बन्दूक है क्योंकि मैं भूखा हूँ, तुम्हारे पास बन्दूक है इसलिए मैं भूखा हूँ। तुम एक...
नरेश सक्सेना
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बह रहे पसीने में जो पानी है वह सूख जाएगा लेकिन उसमें कुछ नमक भी है जो बच रहेगा टपक रहे ख़ून में जो पानी है वह सूख जाएगा लेकिन उसमें कु...
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