शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Sunday, 24 August 2014
ये खून बेकार नहीं जायेगा/अन्तरा घोष
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जुलाई से इज़रायल ने गाज़ा पट्टी के निहत्थे नागरिकों, बच्चों, औरतों पर फिर से हमला बोल दिया है। यह पिछले छह वर्षों में गाज़ा पर इज़रायल का...
जागो मृतात्माओ! / कात्यायनी
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जागो मृतात्माओ! बर्बर कभी भी तुम्हारे दरवाज़े पर दस्तक दे सकते हैं। कायरो! सावधान!! भागकर अपने घर पहुँचो और देखो तुम्हारी बेटी कॉलेज से लौ...
'बेरोजगार की आखिरी रात'
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'बेरोजगार की आखिरी रात' पुस्तक का जुलाई माह में अमेरिका के प्रतिष्ठित आथर हाउस में प्रकाशन हुआ है। यह किताब ई-बुक के रूप में अमेजॉन...
Saturday, 23 August 2014
लूट इंडिया लूट / शशिकांत सिंह शशि
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दोस्तों! 'लूट इंडिया लूट', रियलिटी शो के इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आज तक हम टीवी पर केवल मनोरंजन प्रधान कार्यक्...
Friday, 22 August 2014
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किसे लिखूं मैं; जो जीवन को टूट-टूटकर जीते हैं या उनको, जो जीवन को भांति-भांति से भोग रहे हैं ? किसे पढ़ूं मैं; जो जीवन भर टूट-टूटकर लिखत...
धारा के विरुद्ध तैरो : अनंतमूर्ति
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ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात कन्नड़ लेखक डॉ. उडुपी राजगोपालाचार्य अनंतमूर्ति ने कहा था कि यदि गुजरात के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्...
अंधियारे बिल से झाँक रहे सर्पों की आँखें तेज़ हुईं : गजानन माधव मुक्तिबोध
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अंधियारे मैदान के इन सुनसानों में बिल्ली की, बाघों की आँखों-सी चमक रहीं ये राग-द्वेष, ईर्ष्या, भय, मत्सर की आँखें, हरियातूता की ज़हरीली-...
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