शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Saturday, 23 August 2014

लूट इंडिया लूट / शशिकांत सिंह शशि

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दोस्तों! 'लूट इंडिया लूट', रियलिटी शो के इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आज तक हम टीवी पर केवल मनोरंजन प्रधान कार्यक्...
Friday, 22 August 2014

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किसे लिखूं मैं; जो जीवन को टूट-टूटकर जीते हैं या उनको, जो जीवन को भांति-भांति से भोग रहे हैं ? किसे पढ़ूं मैं; जो जीवन भर टूट-टूटकर लिखत...

धारा के विरुद्ध तैरो : अनंतमूर्ति

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ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात कन्नड़ लेखक डॉ. उडुपी राजगोपालाचार्य अनंतमूर्ति ने कहा था कि यदि गुजरात के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्...

अंधियारे बिल से झाँक रहे सर्पों की आँखें तेज़ हुईं : गजानन माधव मुक्तिबोध

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अंधियारे मैदान के इन सुनसानों में बिल्ली की, बाघों की आँखों-सी चमक रहीं ये राग-द्वेष, ईर्ष्या, भय, मत्सर की आँखें, हरियातूता की ज़हरीली-...
Thursday, 21 August 2014

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हम गोरी बुराई की जगह काली बुराई को लाकर कष्‍ट नहीं उठाना चाहते। बुराइयां, एक स्‍वार्थी समूह की तरह, एक-दूसरे का स्‍थान लेने के लिए तैया...

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प्यासे-प्यासे ओस चाटते रहे फलाने, बिना सजा के जेल काटते रहे फलाने, समय कटे कैसे अब एक-एक दिन भारी, जीवन भर आदर्श बांटते रहे फलाने । ...
Wednesday, 20 August 2014

मीडिया हूं मैं / जयप्रकाश त्रिपाठी

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मीडिया में अपना भविष्य देख रहे जर्नलिज्म के छात्रों के लिए अपरिहार्य-सी मेरी सद्यःप्रकाशित पुस्तक 'मीडिया हूं मैं' 'पत्रकारित...
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