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शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Friday, 17 January 2014
मार्क्सवाद : सहजानंद
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अर्जुन की मानवीय कमजोरियाँ सहजानंद यों तो दूसरे अध्याय के 33-36 श्लोकों में, मानव स्वभाव की कमजोरियों को समझ के ही, अर्जुन को खूब ललकारा...
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