शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Saturday, 11 January 2014

एक कविता खलील जिब्रान के लिए

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मंजरी श्रीवास्तव  खलील ओ मेरे प्यारे खलील सुन रहे हो मेरी आवाज तुम या नहीं... मैं सलमा हूँ तुम्हारी सलमा सलमा करामी तु...

ईश्वर

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बसंत त्रिपाठी ईश्वर है तो देर सबेर कर्मकांड भी है कर्मकांड है तो फिर उसे पूरा कराने वाले परजीवी भी अब परजीवी तो मेहनत करने से ...

चिड़ियाँ रे

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बद्रीनारायण चिड़ियाँ रे! चिड़ियाँ होने का अर्थ फाड़ दो मछली रे मछली होने का अर्थ काट दो लड़की चिंदी चिंदी कर दो लड़की होने के अर्थ को ...

अपराध और अपराधी

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फ्योदोर दोस्तोयेव्स्की 'पूरी तरह यही मेरे कहने का मतलब नहीं था,' रस्कोलनिकोव ने सीधे ढंग से और विनम्रता के साथ कहना शुरू किया।...
Thursday, 9 January 2014

उधारी पर नाचें जेठानी के पूत यानी जेब में पैसा-न-कौड़ी, बीच बजार में दौड़ा-दौड़ी

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काकी की कहावत अरविंद केजरीवाल पर कुछ लोग इतने फिदा होते जा रहे हैं मानो आम आदमी पार्टी में उन्हें भी कोई जगह मिलने वाली है या वे स्वयंभू...
Tuesday, 7 January 2014

काऊ बेल्ट की उपकथा

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धर्मवीर भारती हिंदी-भाषी प्रदेश, यानी राजनीतिक भाषा में हिंदी पट्टी, यानी स्नाब अंग्रेजीपरस्त अफसरों और पत्रकारों की भाषा में 'काऊ व...
Monday, 6 January 2014

रेडियो से फायदा : याग्निक

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सलोनी सुरती आज के दौर में मार्केटर्स को बाजार की जरूरत, किसी खास इलाके में रेडियो की पहुंच, संभावित खरीदारों के बारे में विस्तार से ...
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