शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Friday, 6 December 2013
मैं स्त्री हूं, मुझे संभाल कर रखिए : किरण सिंह
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की लेखिका किरण सिंह की कई रचनाएं पुरस्कृत हो चुकी हैं. कविता संग्रह 'सूर्यांगी' के लिए उनको महादेवी ...
अपने खिलाफ फतवे पर तसलीमा हैरान
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बांग्लादेशी मूल की विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन ने अपने ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किए जाने पर हैरानी जताते हुए कहा है कि मैं नहीं जानती, मेरे ख...
लड़कियां बोझ नहीं
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रोमा राजपाल बाल विवाह के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की मुहिम को दक्षिण एशियाई देशों ने पीठ दिखा दी है. इस प्रस्ताव में 2015 तक बाल विवाह के म...
बुद्ध का स्त्री विमर्श
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शेषनारायण सिंह बुद्ध ने नर्तकी अंबपाली का आतिथ्य स्वीकार किया. कुछ लोग इस तथ्य के आधार पर साबित करना चाहते हैं कि बुद्ध तत्कालीन पितृसत्...
इस्लाम अक्सर खतरे में क्यों!
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विभूति नारायण राय भारत के संदर्भ में जब सांप्रदायिकता, कठमुल्लापन या साम्प्रदायिक फासीवाद की बात होती है तब अक्सर हमारे निशाने पर ...
देह से दबी स्त्री
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ृमृणाल वल्लरी अभी तक हमारे जेहन में पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार की उस भारत यात्रा की यादें ताजा हैं, जब भारतीय मीडिया ने ...
उस किताब से बहुत प्यार था मंडेला को
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नेल्सन मंडेला जिस कविता को बहुत संभालकर रखते थे और बारबार पढ़ते थे, चुनौती और मुश्किल के हर पल में, उसका नाम इन्विक्टस है. लैटिन शब्द इन...
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