शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Sunday, 1 December 2013
स्कूटर चलाते चलाते कारपोरेट बन गए तेजपाल
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पुण्य प्रसून वाजपेयी तो सिस्टम और सत्ता पर नजर रखने के लिये ही तो तहलका के जरीये तरुण तेजपाल ने शुरुआत की थी। याद कीजिये एनडीए की सत्त...
भाषा हमारे अस्तित्व का मूल
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नोम चोम्स्की विश्व विख्यात भाषावैज्ञानिक, दार्शनिक, वामपंथी लेखक नोम चोम्स्की ने भाषाविज्ञान संबंधी कई क्रान्तिकारी सिद्धां...
हिंदी साहित्य को 'पिद्दी फाइटरों' का भरोसा नहीं
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आलोक धन्वा किताबों के मेले में बढ़ती युवाओं की भीड़ देखकर अच्छा लगता है. छोटे-बड़े शहरों में जैसे-जैसे किताबों से मोहब्बत की कहानी कम सु...
'हैरी पॉटर एंड द फ़िलासफ़र्स स्टोन सबसे लोकप्रिय'
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लेखिका जे के रोलिंग की हैरी पॉटर सीरीज की पहली क़िताब 'हैरी पॉटर एंड दी फ़िलासफ़र्स स्टोन' को बच्चों की पसंदीदा क़िताब चुना गया ह...
Saturday, 30 November 2013
तरुण तेजपाल क्या, मीडिया में तो भरे पड़े हैं बाबाजी के टिल्लू!
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आज कल बाबाजी का टिल्लू खूब चल रहा है। चला रहे हैं कलर्स पर कपिल शर्मा और उनकी मंडली के हंसोड़िए। मीडिया में तरुण तेजपाल का इससे आशय नहीं ...
Friday, 29 November 2013
अखबारों से ज्यादा लोग फेसबुक पर-कीर्थिगा
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फेसबुक इंडिया की हेड कीर्थिगा रेड्डी का कहना है कि अखबारों से ज्यादा लोग फेसबुक के प्लेटफार्म पर हैं। आपने 2010 में पहली एंप्लॉयी के तौ...
Friday, 22 November 2013
दलित साहित्य में स्त्री विमर्श
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संजीव खुदशाह स्त्री विमर्श आज अपनी ऊचाईयां छू रहा है और समाज को एक नारी के प्रति नये दृष्टि कोण से देखने के लिए प्रेरित कर रहा है, साथ...
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