शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Monday, 4 November 2013
उन्हे नहीं सुहाते 'पछताते, पथ पर आते लोग'
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जयप्रकाश त्रिपाठी ये जो है न फेसबुक....जो रोज यहां आते हैं प्रायः, टिके रह जाते हैं घंटों। दिन-दिन भर। अपने आसपास से मुक्त। विचरते हुए...
नबीला एक दो दिनों में गांव लौट जाएगी
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ब्रजेश उपाध्याय इस हफ़्ते अमरीका ने दो नए चेहरे देखे. एक वो चेहरा जो अपने दफ़्तर में बैठ कर हज़ारों मील दूर छिपे चरमपंथियों पर निशाना ...
अमरीकी जासूसों के निशाने पर पूरी दुनिया
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रूसी संसद के निचले सदन, राजकीय दूमा की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिती के अध्यक्ष अलेक्सेय पुश्कोव ने अपने ट्विटर माइक्रोब्लॉग में लिखा है कि...
Friday, 1 November 2013
काशीनाथ सिंह की तीन 'काल' कथाएं
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अकाल यह वाकया दुद्धी तहसील के एक परिवार का है। पिछले रोज चार दिनों से गायब मर्द पिनपिनाया हुआ घर आता है और दरवाजे से आवाज देता है। अ...
भावी प्रधानमंत्रियों का पोंगा-विलाप
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जयप्रकाश त्रिपाठी प्रधानमंत्री पद के भाजपाई उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के भावी प्रधानमंत्री राहुल गांधी अपनी-अपनी चुनाव सभाओं म...
Thursday, 31 October 2013
एनडीटीवी में भी काफी पक्षपात : राजेंद्र यादव
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राजेंद्र यादव के साथ मेरी यह बातचीत वैसे तो वर्ष 2009 में भड़ास4मीडिया में प्रकाशित हुई थी लेकिन आज भी वह बेमुद्दे की नहीं। -पूंजीवाद...
Friday, 25 October 2013
पत्रकारिता कल, आज और कल
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अंचल ओझा किसी ने शायद ठीक ही कहा है “जब तोप मुकाबिल हो, तो अखबार निकालो” हमने व हमारे अतीत ने इस बात को सच होते भी देखा है। याद किजिए ...
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