शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Tuesday, 30 July 2013
प्यार एक बुर्जुआ स्थिति
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ज्यां-पाल सार्त्र ज्यां-पाल सार्त्र अस्तित्ववाद के पहले विचारकों में से माने जाते हैं । वह बीसवीं सदी में फ्रान्स के सर्वप्रधान दार्शनिक...
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अज्ञात व्यक्ति के नाम मैक्सिम गोर्की का पत्र
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रूपसिंह चंदेल आपको पत्र भेजने के तुरन्त बाद 'तोल्स्तोय के पलायन' की सूचना का तार प्राप्त हुआ। और जैसा कि आप जानते हैं मैं आपको ...
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यूडित और ऐस्तैर
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जिग़मोन्द मोरित्स हम लोग निर्धन थे। भिखारियों से भी बढक़र गरीब। खानदानी लोगो का गरीब हो जाना, इससे बढक़र बोझ है कोई? एक छोटे से गांव...
गँजहों के गाँव का लोकतंत्र
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श्रीलाल शुक्ल तहसील का मुख्यालय होने के बावजूद शिवपालगंज इतना बड़ा गाँव न था कि उसे टाउन एरिया होने का हक मिलता। शिवपालगंज में एक गाँव-स...
अर्द्धांगिनी एक महात्मा की
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वह थी 18 वर्ष की मासूम युवती और वह था 34 वर्ष का जवान मर्द, न जाने कितने नारी ह्रदयों को अब तक वशीभूत कर चुका था| युवती थी सोफिया बेर...
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