शब्द
शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी
Thursday, 25 July 2013
सपनों की बाइबिल
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सिल्विया प्लाथ रोजाना सुबह नौ बजे से शाम पाँच बजे तक मैं अपनी सीट पर बैठी दूसरों के ख्वाब टाइप करती रहती रही हूँ। मुझे इसीलिए मुलाजि...
क्रान्तिकारी
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अरनैस्ट हैमिंगवे सन् 1919। वह इटली में रेल से सफर कर रहा था। पार्टी हेडक्वार्टर से वह मोमजामे का एक चौकोर टुकड़ा लाया था, जिस पर पक्के रं...
प्रेस की शक्ति
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ओ हेनरी सुबह के आठ बजे दुकान पर समाचार पत्र के ताज़ा अंक रस्सी पर लटक रहे थे। ग्राहक चलते फिरते समाचार पत्र के शीर्षक देखते या फिर एक...
कानून के दरवाज़े पर
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फ़्रांज काफ़्का कानून के द्वार पर रखवाला खड़ा है। उस देश का एक आम आदमी उसके पास आकर कानून के समक्ष पेश होने की इजाज़त मांगता है। मगर ...
अतीत नृत्य
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गी द मोपास्साँ महान विपत्तियाँ मुझ पर कोई असर नहीं डालतीं। (ज्या ब्रिदेल ने कहा था। वह कुँआरा था और समझा जाता है कि शक्की मिजाज का भी...
ऑस्कर वाइल्ड की कहानी बुलबुल और गुलाब
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"उसने कहा , वह मेरे साथ नाचेगी , अगर मैं उसे लाल गुलाब ला दूँ तो ," युवा-छात्र ने रोते हुए कहा ; " लेकिन मेरे सारे उपवन...
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