शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Friday, 12 July 2013

बीसवीं सदी के मशहूर लेखक व्लादीमिर सोलोऊखिन

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योगेन्द्र नागपाल मशहूर रूसी लेखक व्लादीमिर सोलोऊखिन का जन्म 1924 में एक किसान परिवार में हुआ। इस पीढ़ी के प्रायः सभी लोगों की ही भांति व...
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चेखव की ‘दुखद’ प्रेम कहानी

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योगेंद्र नागपाल एक बार चेखोव ने एक उपन्यास लिखने की सोची, विषय चुना “प्रेम”| महीनों तक लिखते रहे कितने ही पन्ने रंगे और फाड़े| अंततः सार...

मिशन मून - पल्लव बागला/सुभद्रा मेनन

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डा. रीता सिंह एक समय वह था जब मां अपने बच्चों को बहलाने के लिए पानी भरे किसी पात्र में चांद उतार देती और बच्चा यह सोचकर खुश हो जाता कि च...

एक कुंवारी लड़की का आत्म-संवाद

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पूनम सिंह गहरी थकान और हताशा लिये लौट आये हैं पिता झुके कंधे गर्द भरे चेहरे पर आहत उम्मीदों की लहूलुहान खरोंचे आँखों के कोये में स...

हाऊ प्रूस्त कैन चेंज योर लाइफ - मार्शल प्रूस्त

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अनुराग वत्स ऐसी कई किताबें हैं जिसे आप मनोरंजन के लिए या खाली समय काटने के लिए पढ़ते हैं। लेकिन, ऐसी किताबें भी हैं जो पढ़ते-पढ़ते आपके...

ग्रीक महाकवि होमर का रचना संसार

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दो अमर कृतियां ओडिसी और इलियड ओडिसी ग्रीक महाकवि होमर की अमर कृति है। यह होमर की काव्य-कृति इलियड की अगली कड़ी है। होमर ने इलियड में...

डेज़र्ट- ज़्याँ मेरी गुस्ताव लेक्लेज़ियो

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ज़्याँ मेरी गुस्ताव लेक्लेज़ियो फ़्रांसिसी उपन्यासकार हैं। उन्हें 2008  के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। स्वीडन की नोबेल पुर...
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