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शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Wednesday, 10 July 2013

देश के पहले आदिवासी उपन्यासकार मेनस ओड़ेया

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संजय कृष्ण   प्राचीन मुंडारी में उपन्यास 'मतुराअ: कहनि' मेनस ओड़ेया देश के पहले आदिवासी उपन्यासकार थे मेनस ओड़ेया (1884-19...

धार्मिक असहिष्णुता के दौर में मंटो

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प्रभाकर/ईशा भाटिया धार्मिक असहिष्णुता के मौजूद दौर में सआदत हसन मंटो पहले के मुकाबले ज्यादा प्रासंगिक हैं. यह बात अलग है कि मौजूदा दौर म...

पाकिस्तान को साहित्य से आस

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साहित्यिक मेला दक्षिण एशिया की गलियों में टहलता हुआ भारत के बाद अब पाकिस्तान की दहलीज पर दस्तक दे रहा है. आयोजकों को उम्मीद है कि पाकिस्ता...

पौराणिक गाथाओं का नया ताना बाना

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अमीश त्रिपाठी, आश्विन सांघी और अशोक बैंकर जैसे उभरते लेखकों की कलम से पुराणों के रहस्य का एक नया ताना बाना बुना जा रहा है राम हो या ...

'गीतांजलि' को नोबेल के सौ साल

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वो किताब बांग्ला भाषा में 1910 में प्रकाशित हुई. दिग्गज ब्रिटिश कवि यीट्स के पास उसका अंग्रेजी अनुवाद पहुंचा 1912 में और किताब ने ऐसा करिश...

अब लिखिए अपना उपन्यास

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जर्मनी में अब युवा प्रतिभाशाली लेखकों को मिलती है स्टार लेखकों की मदद. बर्लिन की फ्री यूनिवर्सिटी में स्टार लेखक उभरते उपन्यासकारों को क्ल...

जर्मन किताबों का भारतीय प्रकाशक

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महेश झा जर्मन लेखक, अंग्रेजी भाषा और कोलकाता के बीच कोई संबंध है क्या? 1982 में नवीन किशोर ने यहीं सीगल बुक्स की शुरूआत की, आज यह दुनिया...
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