शब्द

शब्द आओ मेरे पास,जो बुलायें, जाओ उनके पास भी

Friday, 5 July 2013

'माई नेम इज रेड' : ओर्हान पामुक

›
उपन्यासकार ओरहन पामुक का जन्म 1952 इस्तांबुल में हुआ! उनके माता-पिता इंजनियरिंग में थे, इसलिए उनको भी इसी की सलाह दी गई! इसके बावजूद वे बच...

गॉड इज़ नॉट ग्रेट : हाऊ रिलीजन पॉइज़न्स एवरीथिंग

›
क्रिस्टोफ़र हिचेन्स क्रिस्टोफ़र हिचेन्स की किताब ‘गॉड इज़ नॉट ग्रेट : हाऊ रिलीजन पॉइज़न्स एवरीथिंग’ अपने प्रकाशन के एक सप्ताह के भीतर ही...

सेकंडहैंड बुक के लिए खास हैं ये फर्स्ट हैंड दुकानें

›
अशोक कुमार मिश्र महंगाई के दौर में बेशक चेतन भगत के बेस्टसेलर को 95 रुपए में खरीदना आसान हो सकता है, लेकिन स्टेफनी मेयर की बेस्ट सेलर खर...

ठेठ हिंदुस्तानी परंपरा का वाहक ‘आधा गांव’

›
भगवानदास मोरवाल आज से चार दशक पूर्व यानी 1966 में प्रकाशित राही मासूम रजा का उपन्यास ‘आधा गांव’ पता नहीं मुझे क्यों पसंद है, इसे शब्दों ...

बेबी हलधर की बेस्टसेलर ‘आलो अंधारी’

›
जब वह चार साल की थी, तो उसकी मां चली गयी. 12 साल की थी, तो शादी हो गयी. पति बात-बात पर उसेमारता-पीटता. किसी तरह छुटकारा मिला और 25 साल की ...

इवान बूनिन को याद करते हुए

›
अनिल जनविजय इवान बूनिन की मृत्यु विदेश में और मुसीबतों से भरा जीवन जीते हुए फ़्राँस में हुई और वे हमेशा अपने देश को याद करते हुए अपनी जन...

फ़्योद्र दोस्तोयेव्स्की

›
फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की रूसी भाषा के एक महान साहित्यकार थे - कहानीकार, उपन्यासकार और निबंध लेखक। मॉस्को में जन्मे फ़्योदोर को किसी समय मृत...
‹
›
Home
View web version
Powered by Blogger.